हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस रिवायत को "गेरारूल हिकम" पुस्तक से लिया गया है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है।
:قال امیرالمؤمنین علیه السلام
«مَنْ نَامَ عَنْ عَدُوِّهِ انْتَبَّهَتْهُ الْمَکَائِدُ.»
हज़रत इमाम अली अ.स. ने फरमाया:
जो व्यक्ति अपने दुश्मन से गाफ़िल हो जाता है, दुश्मन की चालाकियाँ और धोखे उसे अचानक जागने पर मजबूर कर देती हैं।
गेरारूल हिकमा,पेंज 33
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