मंगलवार 14 जुलाई 2026 - 04:17
दुश्मन से बेखबर रहने का अंजाम

हौज़ा / हज़रत इमाम अली अ.स. ने एक रिवायत में दुश्मन से बेखबर रहने के अंजाम की ओर इशारा किया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इस रिवायत को "गेरारूल हिकम" पुस्तक से लिया गया है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार है।

:قال امیرالمؤمنین علیه السلام

«مَنْ نَامَ عَنْ عَدُوِّهِ انْتَبَّهَتْهُ الْمَکَائِدُ.»

हज़रत इमाम अली अ.स. ने फरमाया:

जो व्यक्ति अपने दुश्मन से गाफ़िल हो जाता है, दुश्मन की चालाकियाँ और धोखे उसे अचानक जागने पर मजबूर कर देती हैं।

गेरारूल हिकमा,पेंज 33

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